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शनिवार, 14 जुलाई 2012

गोलियां या इंजेक्शन!



आजकल लोग वजन घटाने के लिए वेट लूज इन्जेक्शंस, कैप्सूल्स, ड्रग्स आदि का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। ये दवाइयां अपना असर जल्दी दिखाती हैं, क्योंकि इन दवाओं के प्रयोग से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और आंतों में वसा नहीं जमती यानी आपको उतनी ऊर्जा नहीं मिलती जो कि आमतौर पर किसी चीज को खाने से मिलती है। इसके कारण आपका वजन कम होने लगता है।
साइड इफेक्टः गौर करने वाली बात है कि वजन कम करने वाली जो दवाइयां विदेशों में प्रतिबंधित हैं, वही हमारे देश में खुलेआम बेची जा रही हैं। आपको शायद मालूम न हो कि मोटापा कम करने वाली दवाओं के सेवन से लीवर को नुकसान होता है और गुर्दों में पथरी की शिकायत होने की आशंका भी बढ़ जाती है। डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, अवसाद, तनाव, अनिद्रा, शारीरिक कमजोरी जैसी शिकायतें दिखने लगती हैं। इसलिए वजन कम करने के लिए दवाओं का प्रयोग सोच-विचार कर ही करें।
वर्कआउट या योगासन
स्कल्प जिम ऐंड एरोबिक्स की फिटनेस एक्सपर्ट डॉ. याश्मीन मनक कहती हैं, अगर आपका बीएमआई 30 से ज्यादा है, तो आपको नियमित एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे आप फैट को बर्न कर सकती हैं। मगर याद रखिए सिर्फ जिम ज्वाइन कर लेना ही काफी नहीं है, बल्कि एक-एक स्टेप को सही तरीके से करना भी जरूरी होता है। साथ ही डाइट का भी ध्यान रखें। रोजाना कम-से-कम 30 मिनट व्यायाम करें, तो आप वजन को धीरे-धीरे कम कर सकती हैं। वेट ट्रेनिंग, वॉटर ऐरोबिक्स और डांस अच्छी एक्सरसाइज हैं। ये न सिर्फ बॉडी को फिट रखते हैं, बल्कि कार्डियो वेस्कुलर सिस्टम के लिए भी आदर्श हैं। 
वजन को संतुलित रखने के लिए ऐरोबिक्स एक्सरसाइज, जैसे-जॉगिंग, साइकिलिंग, वेट प्रोग्राम और तैराकी परफेक्ट है। इनसे शारीरिक सक्रियता बढ़ती है। संभव हो, तो लंबी सैर पर जाएं। आउटडोर एक्सरसाइज में वॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसा अपनी पसंद का गेम भी ट्राई कर सकती हैं। याद रखिए कोई भी शारीरिक गतिविधि आपके शरीर से न सिर्फ कैलोरी कम करती है, बल्कि आपके दिल व फेफड़ों की सेहत भी सुधारती है। इसलिए रोजाना ऐसे व्यायाम करें, जिससे आपको पसीना निकले। जैसे तेज चलना, जॉगिंग, रस्सी कूदना, तैरना, साइकिल चलाना आदि। अगर आपने पहले कभी एक्सरसाइज नहीं किया है, तो पहले हल्के-फुल्के एक्सरसाइज करना शुरू करें। शुरुआती दौर में थोड़ी देर एक्सरसाइज करें, फिर बाद में धीरे-धीरे समय बढ़ाती जाएं। एक्सरसाइज शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक तौर पर भी व्यक्ति चुस्त और दुरुस्त रहता है। 
साइड इफेक्टः यह सच है कि लोगों की शारीरिक गतिविधियां पहले की अपेक्षा कम हो गई हैं। ऐसे में अगर एक्सरसाइज या अन्य कोई शारीरिक एक्टिविटी नहीं करेंगी, तो बीमारियों से खुद को बचा पाना मुश्किल ही होगा। रोजाना एक्सरसाइज कर पाना संभव न हो, तो हफ्ते में तीन दिन एक्सरसाइज जरूर करें। लेकिन अचानक हाई इम्पैक्ट एक्सरसाइज शुरू न करें। इससे ज्वाइंट्स पेन या अन्य तरह की इंजरी होने की आशंका रहती है। इसलिए सही पोश्चर के साथ एक्सरसाइज की शुरुआत करें। किसी ट्रेनर की देखरेख में वेट ट्रेनिंग लें। सीखने के बाद उसे आप घर में भी कर सकती हैं। कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो वेट लॉस ट्रेनिंग लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।
योग आंतरिक स्वास्थ को हेल्दी बनाता है
पॉवर योगा, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम से भले ही वजन कम न हो, पर यदि आप इसे नियमितरूप से करती हैं, तो बेशक आप अंदर से गुड फील करेंगी। यदि आप नियमित सूर्य नमस्कार के सारे स्टेप कर रही हैं, तो इसका कुछ फर्क पड़ सकता है, मगर मोटापे से पूरी तरह निजात नहीं दिलाएगा। अगर आप कपालभाति, प्राणायाम आदि के साथ संतुलित डाइट फॉलो करती हैं, तो कुछ हद तक वजन को नियंत्रण में रख सकती हैं। कोई भी आसन करने से पहले योग्य शिक्षक से पूरी जानकारी अवश्य लें।

राइट डाइट, फिट ऐंड फाइन
डाइटिशियन डॉ. सोनिया नारंग कहती हैं, महिलाओं का सबसे ज्यादा जोर डाइटिंग पर ही होता है। बिना सोचें-समझे ही वे डाइटिंग शुरू कर देती हैं। यहां आपको बता दूं कि डाइटिंग करने के बजाय सही डाइट लेकर आप वजन कंट्रोल में रख सकती हैं। डाइटिंग से फैट्स कम तो होते हैं, पर मसल्स व टिश्यूज पर इसका बुरा असर पड़ता है। इससे शरीर में कमजोरी आती है। अगर आप एक्सरसाइज नहीं कर पा रही हैं, तो हेल्दी खाने के जरिए अपनी डाइट में से रोजाना कुछ कैलोरी कम कर वजन को घटा सकती हैं। जैसे शुरुआत के पहले सप्ताह में लिक्विड आहार की मात्रा बढ़ाएं। इसमें पानी और वेजिटेबल जूस शामिल कर सकती हैं। अगर लो ब्लड प्रेशर, किडनी आदि की समस्या नहीं हो, तो दिन में 10 से 12 बारह गिलास से ज्यादा पानी ले सकती हैं।

सोने से 3-4 घंटे पहले ही खाना लें। खाना खाकर तुरंत सोने से मोटापा बढ़ता है और रात का खाना बिलकुल ही लाइट रखें। खाने से फैट्स (तेल आदि) को पूरी तरह से न हटाएं, क्योंकि बॉडी में एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए फैट भी जरूरी है। यह टिश्यू रिपेयर और विटामिन्स को बॉडी के सभी हिस्सों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। डाइट प्लान में कम फैट वाले आहार शामिल करें, जिसमें प्रोटीन व फाइबर की मात्रा ज्यादा हो। बटर या मायोनिज की जगह पुदीना और आंवले की चटनी लें। मौसमी सब्जियों जैसे टमाटर, आंवला, अदरक, पालक आदि का जूस लें। सफेद तिल, नट्स, अलसी आदि का भी सेवन करें, मगर इनकी मात्रा ज्यादा न रखें। नारियल पानी, नींबू पानी, सब्जियों का सूप, काबुली या काले चने का सूप, छाछ, रूहअफजा, बिना चीनी का आईस टी, नींबू-पोदीना पानी, मूंग की धुली दाल का सूप, दाल सूप, बथुए का रायता, शरीफा, सूजी का दलिया, वैजिटेबल दलिया दही के साथ लें। 
साइड इफेक्ट  डाइटिंग से वजन कम हो या न हो, लेकिन बाद में उसके साइड इफेक्ट्स जरूर भुगतने पड़ते हैं। कब्ज, गैस बनाना, हारमोनल प्रॉब्लम्स के साथ आंखों के नीचे काले घेरे, स्किन का ढीला होना, मेमोरी कम होना जैसी समस्याएं होती हैं। किसी भी तरह का एक्सरसाइज शुरू करने के पहले या भोजन में किसी प्रकार की तबदीली करने के पहले अपने डॉक्टर और डाइटिशियन से सलाह जरूर कर लें।

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