The fashion of the whole world is contained within the folk art.
मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018
क्या आपकी जेब में 5 रूपये हैं ......
साेशल मीडिया के जरिए भी आप सामाजिक कार्य कर सकते हैं। इसके जरिए आप अपने सपने काे कई लाेगाें के साथ साझा कर सकते हैं। अभी दशहरे के दिन हल्द्वानी में थाल सेवा का शुभारंभ हुआ। थाल सेवा स्थानीय नागरिकों की एक पहल है जिसे सोशल मीडिया द्वारा क्राउड फंड किया जाता है। हल्द्वानी के 10 नागरिकों के समूह ने एक साथ मिलकर यह सेवा चलाई है जिसमें 400 ग्राम मात्रा में चावल, सब्जी, दाल और सलाद होती है। इस ग्रुप के फाउंडर में हाउसवाइव्स, प्रफेशनल और स्थानीय व्यापारी भी शामिल हैं जो वॉट्सऐप और फेसबुक के जरिए फंड इकट्ठा करते हैं।
इस भरपेट भोजन के लिए उन्हें सिर्फ 5 रुपये अदा करने होते हैं और खाना भी विशेष खानसामाओं की निगरानी में तैयार किया जाता है। इस पहल का नेतृत्व करने वाले दिनेश मनसेरा बताते हैं, 'हमने इस विचार के साथ इस मुहिम की शुरुआत की कि जो लोग अपने पारिवारिक सदस्य या किसी रिश्तेदार का हल्द्वानी के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आते हैं, उनको भोजन उपलब्ध कराया जा सके।' वह आगे कहते हैं, ''उनमें से कई ऐसे हैं जो भरपेट भोजन नहीं वहन कर सकते। इस तरह हमने प्रॉजेक्ट का स्कोप बढ़ाकर उन सभी लोगों को इसमें शामिल किया जिन्हें उचित मात्रा में भोजन नहीं मिल पाता।
उन्हें इस नेक काम की बदौलत उन्हें कनाडा, दुबई और मॉरीशस से भी डोनेशन मिलता है। अस्पताल में अपने किसी करीबी का इलाज कराने आए पान सिंह बताते हैं, 'मील सर्विस उन लोगों के लिए बड़ी मदद है जिन पर अपने किसी पारिवारिक सदस्य की देखभाल करने का जिम्मा होता है।'
सोशल मीडिया में इस पहल को देखकर डोनेट करने वाले स्कॉटलैंड के सॉफ्टवेयर इंजिनियर आतिन अरोड़ा बताते हैं, 'इस तरह दान करना संतोषजनक है जिससे लोगों को मदद मिले।' यह समूह विकलांगों और मानसिक रूप से बीमार लोगों से पैसे नहीं लेता है।
इस भरपेट भोजन के लिए उन्हें सिर्फ 5 रुपये अदा करने होते हैं और खाना भी विशेष खानसामाओं की निगरानी में तैयार किया जाता है। इस पहल का नेतृत्व करने वाले दिनेश मनसेरा बताते हैं, 'हमने इस विचार के साथ इस मुहिम की शुरुआत की कि जो लोग अपने पारिवारिक सदस्य या किसी रिश्तेदार का हल्द्वानी के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आते हैं, उनको भोजन उपलब्ध कराया जा सके।' वह आगे कहते हैं, ''उनमें से कई ऐसे हैं जो भरपेट भोजन नहीं वहन कर सकते। इस तरह हमने प्रॉजेक्ट का स्कोप बढ़ाकर उन सभी लोगों को इसमें शामिल किया जिन्हें उचित मात्रा में भोजन नहीं मिल पाता।
उन्हें इस नेक काम की बदौलत उन्हें कनाडा, दुबई और मॉरीशस से भी डोनेशन मिलता है। अस्पताल में अपने किसी करीबी का इलाज कराने आए पान सिंह बताते हैं, 'मील सर्विस उन लोगों के लिए बड़ी मदद है जिन पर अपने किसी पारिवारिक सदस्य की देखभाल करने का जिम्मा होता है।'
सोशल मीडिया में इस पहल को देखकर डोनेट करने वाले स्कॉटलैंड के सॉफ्टवेयर इंजिनियर आतिन अरोड़ा बताते हैं, 'इस तरह दान करना संतोषजनक है जिससे लोगों को मदद मिले।' यह समूह विकलांगों और मानसिक रूप से बीमार लोगों से पैसे नहीं लेता है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
Special Post
मिथक यथार्थ और फेंटेसी का दस्तावेज-डॉ. अनुजा भट्ट
(अब पहले की तरह किस्से कहानियों की कल्पनाएं हमें किसी रहस्यमय संसार में नहीं ले जाती क्योंकि हमारी दुनिया में ज्ञान, विज्ञान और समाज विज्...
-
(अब पहले की तरह किस्से कहानियों की कल्पनाएं हमें किसी रहस्यमय संसार में नहीं ले जाती क्योंकि हमारी दुनिया में ज्ञान, विज्ञान और समाज विज्...
-
Lighting has settled into fashion status in recent years especially with the ever-popular pendants. These hanging fixtures can range in s...
