मंगलवार, 11 सितंबर 2018

बच्चाें के दाेस्ताें पर भी रखें नजर- डॉ. अनुजा भट्ट


कई बार बच्चा मारपीटकर घर आता है
, तो उस पर भी अभिभावक गुस्सा करते हैं। 
हर पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे को अच्छी परवरिश मिले, वह कामयाब हों, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ये सब किसी चुनौती से कम नहीं है।  अगर उनके व्यवहार मं कुछ गलत दिखाई दे रहा है ताे सावधान हाे जाएं। बच्चे घर से ही नहीं बाहर से भी बहुत कुछ सीखते हैं। यह अच्छा कम हाेता है बुरा ज्यादा हाेता है। देखने में आता है कि पैरेंट्स काम में बिजी रहते हैं, इस वजह से वह बच्चे को समय नहीं दे पाते। ऐसे में बच्चा काफी कुछ गलत करने लगता है। इससे मां-बाप बाद में परेशान होते हैं। बच्चे को सुधारने के लिए गुस्सा भी करते हैं, लेकिन ये सही नहीं है। गुस्से से आपका बच्चा सुधरने की जगह औऱ बिगड़ भी सकता है। आपके गुस्से का आपके बच्चे पर गलत असर भी पड़ सकता है। इसलिए अगर आप भी बच्चे पर गुस्सा करते हैं, तो इसे फौरन बंद कर दें। बच्चे को कई और तरीकों से भी समझाया जा सकता है।

इस तरह बच्चे को करें कंट्रोल

अगर बच्चा गलत व्यवहार कर रहा है, गलत बोल रहा है या गुस्सा कर रहा है, तो आप गुस्सा होने की जगह उससे प्यार से बात करें और उससे इन सबका कारण जानें। उसके परेशान होने का कारण जानने के बाद उस समस्या को दूर करने की कोशिश करें।
दिन भर की थकान के बाद पैरेंट्स खुद मानसिक रूप से इतने थक जाते हैं कि छोटी-छोटी बातों पर भी बच्चों पर गुस्सा करने लगते हैं। ये गलत है। आपको ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे जो देखते हैं, वहीं सीखते हैं। ऐसे में आपके गुस्से करने से बच्चे के दिमाग पर गलत असर पड़ेगा और वह भी गुस्सा करने लगेगा।
बच्चे को नजरअंदाज न करें, वह जो भी कहे उसकी हर बात सुनें ताकि वह आपसे हर बात शेयर करे और जिद न करे। बच्चे को ज्यादा से ज्यादा खेलकूद और बाहरी गतिविधियों में बिजी रखें। बच्चे को डांस व आर्ट क्लास में भेज सकते हैं। समय-समय पर उसे आउटडोर गेम्स खेलने के लिए बाहर भी भेज सकते हैं। इससे बच्चे की अतिरिक्त शारीरिक ऊर्जा व्यय होगी और आत्म अभिव्यक्ति व समाजिक व्यवहार की समझ भी आएगी।
गुस्से में बच्चों पर हाथ उठाने से भी बचें। बच्चे के साथ सहानुभूति रखिए। प्यार से बैठकर समझाइए। इसके अलावा हमेशा उसे डराना भी गलत है।
कई बार बच्चा मारपीटकर घर आता है, तो उस पर भी अभिभावक गुस्सा करते हैं। आप गुस्से की जगह बच्चे को बिठाकर समझाएं कि अगर मारपीट करोगे तो कोई भी आपसे दोस्ती व बात नहीं करेगा।
अक्सर ये भी देखने को मिलता है कि बच्चे के महंगी चीज मांगने पर पैरेंट्स गुस्सा हो जाते हैं और उसे डांट देते हैं। ये स्थिति भी ठीक नहीं है। आप बच्चे को पास में बैठाकर प्यार से बताएं कि आपके पास कितना पैसा है और उसे कहां खर्च करना है। इससे उसे आपकी इनकम का आइडिया रहेगा और बेकार की जिद नहीं करेगा।
इसके अलावा बच्चे के झूठ बोलने की स्थिति में भी उस पर गुस्सा न करें। उसे उदाहरण देकर झूठ बोलने के निगेटिव पक्ष बताएं। उसे सही-गलत के बारे में बताएं।

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