यह ब्लॉग खोजें

मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

डार्लिंग पुनीता - डा. अनुजा भट्ट

         
 पुनीता ही है नाम उसका। लेकिन हम सहेलियां उसे पुनीता न कहकर मास्टर पीस कहते हैं।  इसकी वजह है उसका घर। आप भी अगर उसके घर गए तो लगेगा कि यह घर है या स्टोर। रसोई से लेकर उसके घर का हर कमरा स्टोर में तब्दील हो  गया है।  वह बहुत शौकीन है जो चीज उसे पसंद आ जाए वह उसे लेकर ही रहेगी।  खाने में कुछ  पसंद आ जाए तो न जाने कितने डब्बे पैक करा लेगी। सब्जी से पूरा फ्रिज भरा रहेगा फिर भी घूम आउंगी कहकर साथ हो लेगी और फिर इतनी सब्जी ले लेगी जो खुद उठा के न  ले जा सके। फिर अपनी मेड को फोन करके बुलाएगी। कंजूस इतनी कि मेड को गिनकर 3 रोटी देगी। एक दिन मैंने कहा पेट भर खाना तो दे दिया कर। कहने लगी ज्यादा खाएगी तो काम कैसे करेगी? ज्यादा खाने से नींद आती है।  खुद  भी  इन दिनों खाना छोड़ा है हर रोज फल खाती है। सारी सब्जियां सड़ती है और फिर कूड़े दान में  चली जाती हैं। साड़ियां इतनी है कि खुद गिन नहीं पाएगी। पर जैसे ही सेल का बोर्ड दिखेगा उसे पांव वहीं रुक जाएंगे।  कुछ समय पहले  दिमाग में वास्तु का इतना ज्यादा असर था कि उसने अपने  पूरे घर का रिनोवेशन करा दिया। कुछ दिन तो तो ठीक रहा पर फिर से उसे बेचैनी होने लगी उसने फिर से अपना घर बनवाया लेकिन आज भी उसको अपना घर पसंद नहीं।  उसे जो चीज पहले बहुत पसंद आती है  फिर वह उसे नापसंद करने लगती है। अपने पहनावे को लेकर भी उसका यही रवैया है। अगर उसने अपनी पसंद की साड़ी पहनी हो और उसे कोई टोक दे तो वह उसे दोबारा नहीं पहनेगी। यही वजह है कि अब  उसके पति ने उसके हाथ में पैसा देना बंद कर दिया है।
 उसकी यही आदत अब उसके बच्चों में भी आ गई है और वह कोई निर्णय नहीं ले पाते। उनके घर  में 4 कमरे हैं वहां आपको 4 टीवी मिलेंगे। 2 फ्रिज, कई तरह के जूते,चप्पल, 4  मोटर सायकिल , 2 गाडियां। अब पूछिए 4 टीवी क्यों? कभी किसी को अपने कमरे में देखने का मन हो सकता है। उसका  कहना है। पर आपको जानकर अचंभा होगा कि उनके घर में टीवी कोई नहीं देखता।  सबके सब कंप्यूटर में लगे रहते हैं।  आजकल हमारी पुनीता को भी कंप्यूटर का चस्का लगा है। वह कंप्यूटर में गेम खेलती है।  घर में सबके पास लेपटॉप है फिर  भी कंप्यूटर 3 है जिसमें 2 खराब हैं। पुराने जमाने का म्यूजिक सिस्टम भी  रखा है। पुनीता के पास अपनी गाड़ी है पर उसे चलाना नहीं आता और ड्राइवर के साथ जाना उसे पसंद नहीं । पति के आफिस से कैब आती है जो ले भी जाती है और छोड़ भी जाती है। इसके बावजूद उनके घर में एक गाड़ी और आनेवाली है,बेटे के लिए। पुरानी गाड़ी बेटे को पसंद नहीं है।  बेटे की कोई फरमाइश नहीं है पर पुनीता  की जिद है कि उसका बेटा पुरानी गाड़ी नहीं  चलाएगा। अब बताइए पुनीता के पति यानी  हमारे जीजाजी क्या करें । वह जब उसे आवाज देते हैं  तो डार्लिंग कहते है पर बुदबुदाते हैं तो मास्टरपीस।

एक टिप्पणी भेजें

special post

'me too' (मैं भी)-खयालात- सदन झा

आजकल वैश्विक स्तर पर 'me too' (मैं भी) अभियान चल रहा है। लड़कियां, महिलाएं, यौन अल्पसंख्यक तथा यौनउत्पीड़ित पुरुष हर कोई अपने साथ...