सोमवार, 19 मार्च 2018

आे मेरी उदास पृथ्वी- केदार नाथ सिंह


घोड़े को चाहिए जई

फुलसुँघनी को फूल
टिटिहिरी को चमकता हुआ पानी
बिच्छू को विष
और मुझे ?

गाय को चाहिए बछड़ा
                                 बछड़े को दूध
                               दूध को कटोरा
                               कटोरे को चाँद
                                और मुझे ?

मुखौटे को चेहरा
चेहरे को छिपने की जगह
आँखों को आँखें
हाथों को हाथ
और मुझे ?

ओ मेरी घूमती हुई 
उदास पृथ्वी
मुझे सिर्फ़ तुम...
तुम...तुम...


Special Post

लंदन फोर्ट वैष्णव भक्तों और अन्यारी देवी का क्या है रिश्ता

  25 जून ,गुरूवार, एकादशी .दूसरा मासिक एक माह पहले आज ही के दिन मैंने अपने पापा पर स्मृति लेख लिखा था। जिसे आप सभी ने पढ़ा और मुझे इसे जारी ...