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मैजिक मिरर से बने घर खूबसूरत



घर बड़ा हो या छोटा उसे सुंदर बनाने के लिए हमारे भीतर सृजनात्मक विचारों का होना बहुत मायने रखता है लेकिन हर व्यक्ति के भीतर सृजनात्मकता हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए हम आपको बता रहे हैं साजसज्जा से जुड़ी खास बातें-
महानगरों में अधिकतर लोग फ्लैट में रहते हैं। यहां आपके पास सीमित जगह होती है और सामान असीमित, जिस कारण आपका घर अस्त-व्यस्त दिखता है। लेकिन अगर आप चाहें तो कम जगह का भी इस्तेमाल भी नियोजित तरीके से कर सकती हैं। इंटीरियर डिजाइनर लिपिका सूद से जानिए घर की सजावट के लिए खास टिप्स:-
दीवारों का रंग
छोटे कमरे में हमेशा हल्के रंग का पेंट करवाएं। हल्का रंग कम लाइट ऐब्जौर्ब करते हैं, जिस से कमरा खुलाखुला लगता है।
कमरे को ज्यादा ऊंचा दिखाने के लिए सीलिंग पर फ्लोरोसैंट कलर के स्टिकर या वालपेपर का इस्तेमाल करें।
छोटे कमरे का फर्श भी हल्के रंग का होना चाहिए। इसके लिए हल्के रंग के पत्थर या फिर टाइल्स लगवाएं।
वन वाल डार्क का फैशन छोटे कमरों में लागू न करें।  हां, यदि आप कुछ अलग ही करना चाहते हैं तो एक ही कलर के दूसरे शेड का इस्तेमाल करें लेकिन चुनें लाइट शेड ही।
स्टाइलिश फर्नीचर और उसकी सैटिंग
छोटे कमरे के लिए स्टेटमैंट फर्नीचर का चुनाव करें। कमरे में छोटे-छोटे फर्नीचर की जगह कोई ऐसा फर्नीचर चुनें जो कम जगह घेरे और जरूरत को भी पूरा करें।
कभी भी फर्नीचर को दीवार से सटा कर न रखें। ऐसा करने पर दीवारें खराब होने के साथ ही भरीभरी भी लगती हैं। हमेशा फर्नीचर को दीवार से कुछ इंच छोड़ कर ही रखें।
बाजार में सोफा कम बैड व बैड बाॅक्स तो पहले से ही आ रहे हैं।  अब डाइनिंग टेबल, सोफासैट और कुछ मौड्यूलर फर्नीचर ऐसे आने लगे हैं, जो जगह भी कम घेरते हैं और स्टोरेज का भी काम करते हैं।
सजावट करें कम
कमरे में कलर थीम से मैच करती हुई ड्रैमैटिक पेंटिंग को लगाया जा सकता है। कमरे की कलर थीम से मैच होतीे पेंटिंग होने से कमरा भराभरा नहीं लगेगा।
कमरे में टेबल पर फ्लाॅवरवास रखना पुराना ट्रैंड हो गया है। अब टेबल को फ्री रखें और कमरे की किसी साइड में एक सुंदर और आकार में बड़ा टैराकोटा, चीनी मिट्टी या किसी धातु से बना पौट, वास या आर्टिकल सजा दें।
मिरर डैकोरेशन का आइडिया छोटे घरों के लिए एकदम सही है। यदि मिरर डैकोरेशन को इनोवेटिव तरीके से किया जाए, तो यह घर की रौनक बढ़ाने के साथ-साथ घर को स्पेशियस दिखाने का भ्रम भी बना देता है।
कमरे की एक दीवार को मिरर पैनल से कवर करना ट्रैंड में है। खासतौर पर घर के ड्राइंगरूम में इस तरह का इनोवेशन किया जा सकता है।
छोटे घरों में स्ट्रिप कारपेट का इस्तेमाल करना चाहिए, इस से कमरा लंबा दिखता है।
स्टूडियो फ्लैट में एक कमरे में ही हर कमरे की जरूरत का सामान रखना होता है. ऐसे में कारपेट सैपरेटर का काम कर सकता है. इस के लिए आप छोटे  कारपेट का इस्तेमाल कर एक ही कमरे में अलग-अलग काम के लिए ऐरिया डिवाइड कर सकते हैं।
मार्केट में आ रहे डिवाइडर्स छोटे आशियाने के लिए अच्छा विकल्प हैं. इन्हें एक ही कमरे में अलग-अलग काम करने के लिए या प्राइवेसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
खिड़की और दरवाजों पर करें गौर
कमरा छोटा है तो खिड़कियों को हर वक्त भारीभरकम परदों से कवर कर के न रखें. हो सके तो उन्हें अनकवर्ड रखें. इस से कमरे में रोशनी भी आएगी और कमरा भराभरा नहीं लगेगा।
छोटे कमरों में यदि लगाने ही हैं तो शिमरी करटेंस लगाएं ये पारदर्शी होते हैं साथ ही खूबसूरत लगते हैं। इनमें भी हल्के रंग के परदों का इस्तेमाल करें।
आजकल ग्लास डोर्स ट्रैंड हैं। वुडेन डोर्स की जगह सेमी ग्लास डोर्स घर में लगवाएं। इस से कमरा अलग भी हो जाएगा और बंदबंद भी नहीं लगेगा।
लाइट्स की सैटिंग
ओवरहैड लाइट्स का फैशन तो एवरग्रीन है, लेकिन कुछ नया ट्राय करना है तो आप अपने घर में बिलो हैडलाइट्स की सैटिंग कराएं। इस के लिए आप फ्लोर लाइट्स, डिजाइनर लैंप्स, हैंगिंग लाइट्स का चुनाव कर सकते हैं।
घर में नैचुरल लाइट्स का अच्छा सोर्स होना चाहिए. इस के लिए खिड़कियों पर वुडेन वर्क कराने की जगह उन पर ग्लास वर्क कराएं. इस से सूर्य की रोशनी घर के अंदर आ सकेगी.
कमरे में कितनी रोशनी की आवश्यकता है, उस हिसाब से लाइट अरैंजमेंट होने चाहिए. जैसे, बैडरूम में मीडियम लाइट्स के लिए वाॅल लैंप्स से भी काम चल सकता है. वहीं स्टडी रूम के लिए ज्यादा रोशनी की जरूरत होती है. इस लिए यहां ओवरहैड लाइट्स ही होनी चाहिए.
आप का डाइनिंग ऐरिया कितना ही छोटा क्यों न हो, आप डाइनिंग टेबल पर हैंगिंग लाइट लगा कर सिर्फ उतने पोर्शन को फोकस करेंगे तो कमरे का साइज छोटा है या बड़ा ज्यादा पता नहीं चलेगा.

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