तनुश्री वर्मा पेशे से साफ्टवेयर इंजीनियर हैं लेकिन उनको पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग से गहरा लगाव है। वह ग्लास पेंटिंग और ऑयल पेंटिंग दोनो बहुत खूबसूरती के साथ करती हैं जानते हैं अपने बारे में क्या कहती हैं तनुश्री-- मैं सृजनात्मक वातावरण में बड़ी हुई। मैं जब बच्ची थी तो मां को क्राफ्ट की शिक्षा देते हुए देखा। वह चूडिय़ां को रखने के लिएबॉक्स बनाना सिखाती या फिर आडियो टेप रखने के लिए बॉक्स बनवाती। इसीतरह फोटोफ्रेम लैंपशेड्स बनाना सिखाती। यह सारी चीजें ऐसी चीजों सेबनाई जाती जो बहुत साधारण सी होती मसलन आइसक्रीम की डंडिया। मेरे पिता एक अच्छे कलाकार हैं। वह भी अपनी हॉबी को पूरा करने के लिए पेंटिंग करते। इस तरह अपने आप ही मैंने पेंटिंग, स्केचिंग और क्ले मॉडलिंग सीखा। मैंने इन तीन अलग अलग विधाओं में कला का स्वाद चखा लेकिन इनतीनों को पेटिंग में उपयोग कर पाना संभव नहीं है। मैं जब गिफ्ट शॉपमें जाती तो वहां कई छोटी छोटी कलात्मक चीजें देखती जो बहुत मंहगी होती। मैंने सोचा क्यों न मैं खुद इनको बनाऊं। और इस तरह मैंनेकलाकृतियां बनाना शुरू किया। जब मैंने बनाना शुरू किया तो मैंने कोईक्लास नहीं कि हां किताबें पढ़ी। मैं इसकी टेक्नीक से परिचित नहीं थी।इसको बनाने वाले औजार कहां मिलते हैं यह भी पता नहीं था। मैंने इसकेबारे में जानने केे लिए इंटरनेट का भी सहारा लिया। पिछले 8 साल से मैं इस काम को कर रही हूं। व्यस्त समय में क्ले के साथ कलाकृतियां बनानामुझे सुखद अनुभूति देता है। यह मुझे तनाव से मुक्त करता है औरआत्मसंतोष देता है। एक साफ्टवेयर इंजीनियर के सप्ताहांत एक कलाकार के रूप में बदल जाते हैं। मेरी बनाई कलाकृतियां मेरे घर में सजी हुईहैं।
आधुनिक लाइफस्टाइल ब्लॉग: फैशन, संस्कृति, कहानियों और संस्मरणों का अनूठा संगमआज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम अक्सर अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और उन छोटी-छोटी खुशियों को भूल जाते हैं जो हमारे जीवन को असल मायने में खूबसूरत बनाती हैं। लाइफस्टाइल का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि हम क्या पहनते हैं या हम कहाँ घूमते हैं, बल्कि इसका गहरा संबंध हमारी सोच, हमारे साहित्य और हमारी विरासत से भी है। यदि आप भी एक ऐसे मंच की तलाश में हैं जहाँ आधुनिकता और परंपरा का एक खूबसूरत संतुलन देखने को मिले, तो यह आपके लिए है।
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