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गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

माईंड मैपिंग से दौड़ाएं दिमाग के घोड़े


हमारा मस्तिष्क वाक्यों, पंक्तियों या एक रंग पर काम नहीं करता।  यह एक बहुकेंद्रीय छवि और उससे जुड़ी चीजों पर काम करता है। यह मस्तिष्क की भाषा है। अगर आपमस्तिष्क की पूरी क्षमता के साथ इसकी  भाषा में बात करेंगें तो आप ज्यादा अच्छी तरह पढ़ और सीख पाएँगे। कहने का अभिप्राय यह है कि अगर दिमागी कसरतें की जाएँ और माइंड मैप का प्रयोग किया जाए तो सफलता सुनिश्चत है।


आमतौर पर आदमी के पास इतना समय नहीं होता कि वह एक काम में बहुत ज्यादा समय दे पाएँ। इसीलिए अपने काम को आसान बनाने के तरीके भी इन्सान ने खुद ही ढूँढ निकाले. ऐसा ही एक तरीका है ‘माईंड मैपिंग।
यानी कोई काम या प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले बनाया गया एक ऐसा खाका, जिसमें किस प्रकार से काम किया जाएगा, उसकी सभी बातें क्रमानुसार लिखी होती हैं।  जब हम बिना प्लान किए कोई भी काम करते हैं, तो या तो उसमें आखिरी समय में कई चीजें याद आती हैं, या कई चीजें छूट जाती हैं. ऐसी ही बातों से बचने के लिए की जाती है ‘माईंड मैपिंग’.
जब आप कोई प्रोजेक्ट हाथ में लेते हैं, तो सबसे पहले दिमाग को जो बात परेशान करती है, वह है प्रोजेक्ट की शुरूआत यानी किस तरह से प्रोजेक्ट की ऐसी शुरूआत करें कि वह पउचतमेेपअम  बने. इसके अलावा उसके दूसरे, तीसरे, चैथे चवपदज क्या होगें आदि. ऐसे में, प्रोजेक्ट बनाने में माईंड मैपिंग से बड़ी सहायता मिलती है।
इसे  ऐसे समझा जा सकता है कि मान लीजिए, आपको किसी बच्चे से सर्कस पर एक निबंध लिखवाना है तो अगर आप बच्चे से अच्छा निबंध लिखवाना चाहते हैं, तो आप पहले उसको सर्कस में प्रयोग होनेवाली दस चीजों के नाम लिखने को कहिए मसलन, जोकर, नेट, जानवर, आर्टिस्ट आदि. इससे एक जगह पर इतने सारे नाम इकट्ठा हो जाएँगे, तो इन शब्दों की सहायता से उसे सर्कस के बारे में दूसरी बातें लिखने में कहीं ज्यादा आसानी होगी। ऐसे ही, जब आप किसी प्रोजेक्ट की शुरूआत करें, तो उस प्रोजेक्ट से सम्बन्धित जो भी बात आपके दिमाग में हो, उसे एक कागज पर लिखते जाएँ. ध्यान रखें, जब आप लिख रहे हों, तो उस समय दिमाग में जो भी उस प्रोजेक्ट से सम्बन्धित सही  गलत बातें याद आ रहा हो, सबको लिखते जाएँ.
एक बार आप इन विचारों को नोट कर  लें, उसके बाद एक अलग सादा  कागज लें और उसपर अपने प्रोजेक्ट का सेंट्रल आईडिया लिख लें. उसके बाद दुसरे नम्बर पर आनेवाला बिंदु, फिर उसके बाद आनेवाला ३..  ऐसे एक के बाद एक आनेवाली बातों को लिखकर एक पूरा खाका तैयार कर लें.
माईंड मैप कैसे बनाएं
इसके लिए अलग अलग  रंग, ड्राईंग और सिंबल का प्रयोग करें और अधिक आकर्षक बनाएं।
टाईटल और सब टाईटल को छोटा और आकर्षक बनाएं।
माइंड मैप के फायदे
कैरियर बनाने के लिए भी माइंड मैप मददगार हो सकती है। सबसे पहले तो बायोडाटा तैयार करने में इससे काफी मदद मिलती है। बायोडाटा किसी व्यक्ति या इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति के सामने किसी उम्मीदवार की पूरी तस्वीर समाने रख देता है। बड़ी तादाद में लोगों ने यह स्वीकार किया कि जब वे माइंड मैप के साथ इंटरव्यू बोर्ड में गए तो ज्यादा आत्मविश्वास से भरे थे और उनके चुने जाने की संभावना भी बढ़ गई।
उद्योग संगठन अपने कर्मचारियों को बताते हैं कि माइंड मैप के इस्तेमाल से उनकी क्षमता व उत्पादकता को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
निजी जिंदगी में भी माइंड मैप का इस्तेमाल किया जा सकता हैं।  पूरे सप्ताह की योजना का माइंड मैप बनाकर रख सकते हैं जिसके जरिए दिनचर्या को मैनेज करना आसान हो गया।
माईंड मैपिंग से किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल किए जानेवाली बातों के छूटने की सम्भावना शून्य हो जाती है. माईंड मैपिंग के जरिये छोटी से छोटी बात को भी जब एक कागज पर लिखकर काम करना शुरू किया जाता है, तो प्रोजेक्ट सिलसिलेवार और तकनीकी रूप से बनता है।
माईंड मैपिंग का एक बहुत-बड़ा फायदा यह है कि आपकी सोच क्रिएटिव हो जाती है और साथ ही समस्याओं का भी सकारात्मक हल ढूँढ निकलने में यह आपको सक्षम करता है इसकी सहायता से आप अपने विचारों में एकरूपता बना पाते हैं.
एक साल की उम्र से लेकर सीनियर सिटिजन तक कोई भी माईंड मैप का इस्तेमाल कर सकता है। बच्चे अपने मस्तिष्क में माईंड मैप बनाकर सीखते हैं। माना जाता है कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, हमारी यादादश्त कमजोर होने लगती है। लेकिन यह सही नहीं है। उचित ढ़ंग से प्रशिक्षित मस्तिष्क के साथ यह समस्या नहीं आती है। अच्छी तरह प्रशिक्षित मस्तिष्क समय के साथ अपनी अवधारणा संबंधी योग्यता को बढ़ाता है। चूंकि माइंड मैप में अवधारणा से जुड़े कौेशल का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यह एक तरह से मस्तिष्क की व्यायामशाला बन जाते हैं।
निश्कर्श: कहने का अभिप्राय यह है कि हमारा मस्तिष्क रेखाओं और रंगों को ज्यादा समय तक संग्रहित रखता है इसीलिए बच्चों की किताबों में रंगों और चित्रों का प्रयोग ज्यादा होता है।  आप भी अपनी कार्ययोजना को बनाते समय माइंड मैपिंग अवश्य करें ताकि आप सफलतापूर्वक प्रोजेक्ट पूरा करें और समय भी बचाएं।?









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