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गुरुवार, 30 मार्च 2017

नैना के बेहद करीब हूं मैं - दृष्टि धामी, टीवी अभिनेत्री




टीवी अभिनेत्री दृष्टि धामी इन दिनों सीरियल ‘परदेस में है मेरा दिल‘ को लेकर चर्चा में है। स्टार प्लस में दिखाए जाने वाले इस सीरियल में वह नैना का किरदार निभा रही है। पेश है उनसे हुई बातचीत के अंश:-

नैना के बारे में बताइये।
मैं नैना बतरा का किरदार निभा रही हूं जो अपनी मां की देखभाल करती है और वही उसकी सबसे अच्छी दोस्त भी है। वह साहित्य की प्रोफेसर है और उसकी परिपक्वता उसकी जिंदगी जीने के तरीके से झलकती है। आदर्श प्रेम कहानी में विश्वास करने वाली नैना प्यार और शादी के लिये तय किये गये समाज की मान्यताओं और उम्र में विश्वास नहीं रखती और उसका मानना है कि उसका राजकुमार उसे खोजता हुआ उस तक पहुंच जायेगा। जिंदगी के अनुभवों ने उसे किसी भी परिस्थिति से जूझने का तरीका सिखा दिया है।
सुनने में आ रहा है कि परदेस में है मेरा दिल सीरियल की कहानी शाहरुख महिमा की फिल्म परदेस से प्रेरित है  , इसमें कितनी सच्चाई है ?
हमारा शो शाहरुख, महिम की परदेस से काफी अलग है। सिर्फ नामों की वजह से दोनों में समानता लग रही है। दर्शक देखेंगे कि हमारी कहानी, किरदार सब कुछ फिल्म से बेहद अलग हैं।
अपने आज तक के टीवी इंडस्ट्री के सफर के बारे में कुछ बतायें।
बेहद अच्छा। मैं पिछले कुछ समय से इंडस्ट्री में हूं और अलग-अलग शोज में अलग अलग तरह के किरदार निभाना चाहती हूं। मैं अच्छी कहानियों वाली पटकथाएं चुनती हूं। स्टार प्लस और एकता कपूर के साथ मेरे नवीनतम शो की कहानी शानदार है और मेरा किरदार भी काफी दिलचस्प है।
आपने आज तक कई किरदार निभाए हैं, आपका उनमें से कौन सा किरदार दिल के करीब है ?
मैं नैना के किरदार से खुद को बेहद करीब महसूस करती हंू। मधुबाला मेरा अब तक का पसंदीदा किरदार रहा है।
अर्जुन बिजलानी के साथ आप पहली बार स्क्रीन शेयर कर रही हैं, उनके साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा है ?
अर्जुन मेरे पुराने दोस्त हैं और किसी दोस्त के साथ किसी प्रोजेक्ट में काम करना बेहद रोमांचक अनुभव होता है। हमने कुछ एपिसोड की आॅस्ट्रिया में शूटिंग के दौरान सेट पर खूब मस्ती की। आपके साथ ऐसा मस्तमौला दोस्त और सह-कलाकार हो तो फिर चिंता की कोई बात नहीं होती।
शादी के बाद पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में क्या फर्क आया है ?
मैं जब शूटिंग नहीं कर रही थी तब भी मैं हमेशा से शादी करना चाहती थी। मैं तैयारियों का लुत्फ लेना चाहती थी। मुझे खुशी है कि सब कुछ अच्छा रहा। मुझे शादी के बाद अपनी जिंदगी में लुत्फ लेने का मौका मिला और यह मेरे पक्ष में रहा। मुझे खुशी है यह मेरे लिये बेहद सहज बदलाव रहा। बहुत कुछ नहीं बदला है क्योंकि रोज के शूट से समय निकाल कर अपना खाली वक्त मैं आज भी अपने परिवार और दोस्तों के साथ बिताती हूं।

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