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बुधवार, 5 सितंबर 2012

प्यार चाहते हैं तो जुबान में लगाम रखिए डा. अनुजा भट्ट

किसी को भी गुस्सा आना स्वाभाविक है लेकिन इस गुस्से के कारण आप कई बार अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। ऐसे में क्रोध नियंत्रण करना जरूरी है। गुस्सा जाहिर करने की जगह गुस्सा नियंत्रण करना सीखना चाहिए जिससे संबंधों में दरार आने से बचाई जा सकें। यदि आपको बहुत अधिक गुस्सा आता है तो आपके लिए जानना जरूरी है कि संबंधों में गुस्से पर कैसे नियंत्रण करें, गुस्सा आने पर खुद को कैसे संभाले। आइए जानें गुस्से को बाय बाय कहने के कुछ टिप्स।
टाप अपने गुस्से को बाय-बाय कहना चाहते हैं लेकिन फिर भी आपको छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आ जाता है तो इसका अर्थ है कोई न कोई इसका कारण जरूर है जिसे आप खोजने में असमर्थ है। ऐसे में आपको गुस्सा आने वाले कारणों पर ध्यान देना चाहिए और वह काम दोबारा न हो, इसका भी ख्याल रखना चाहिए।
जब आपको गुस्सा आएगा तो निश्चित रूप से आप उसकी भड़ास किसी न किसी पर निकालेंगे, ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप खुद को संभाले, अन्यथा आप या तो अपना नुकसान कर बैठेंगे या फिर अपने संबंधों को खराब कर लेंगे।
गुस्सा आने पर आपको चाहिए कि आप भावेश में न आएं बल्कि खुद को नियंत्रित करें और कुछ भी बोलने से पहले दो बार सोचे। गुस्सा आने पर आप आवेश में आकर अपनी सुध-बुध खो बैठते हैं। इसीलिए जरूरी है कि आपको अहसास हो इस बात का कि गुस्से में आपसे कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर होती है।
गुस्सा कम करने या नियंत्रण करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी इच्छा को प्रबल करें और दृढ़ निश्‍चय लें कि कुछ भी करके गुस्सा पर नियंत्रण करना है।
गुस्सा आने पर उसके कारणों पर गौर करें कि क्या कारण इतना बड़ा है कि आपका गुस्सा करना जायज है या फिर आप छोटी सी बात को अपने गुस्से की वजह से बहुत आगे बढ़ा रहे हैं।
गुस्से के कारण व्यक्ति बहुत चिड़चिड़ हो जाता है और व्यक्ति अकसर तनाव में रहने लगता है।
गुस्सा होने के बजाय जिन लोगों पर या जिन कारणों पर आपको गुस्सा आता है उनको सुलझाएं और परिस्थितियों को समझे और लोगों को माफ करना व माफी मांगने की आदत डालें। इससे आप आसानी से अपने गुस्से को काबू कर पाएंगे।
कई बार आप जो सोच रहे होते हैं उससे विपरीत होने पर आपको गुस्सा आता है। लेकन यह भी सोचे की यह जरूरी नहीं जो आप सोच रहे हैं हमेशा वही हो या फिर हर परिस्थिति एक जैसी नहीं होती इस बात को स्वीकारें।
कई बार दोस्तों, पति-पत्नी या परिवार के बीच कुछ गलतफहमियां या टकराव हो जाता है, जो गुस्से का कारण बनता है। ऐसे में बात करके गिले शिकवे दूर करें। बात करने से आपसी गलतफहमी भी दूर होगी और सब सामान्य हो जाएगा।
गुस्सा रोकने के लिए आवश्यक है कि ध्यान कहीं और लगाएं। जब गुस्सा आ रहा हो तो उस जगह से चले जाएं। वहां रहेंगे तो गुस्सा और बढ़ेगा। वहां से चले जाने पर ध्यान झगड़े से हट जाएगा।
गुस्से को कम करने के लिए आप व्यायाम भी कर सकते हैं। या फिर गहरी सांस लें या 1 से 10 तक गिनती करें।
प्रतिदिन घूमने, व्यायाम करने, डांस करने कोई गेम खेलने इत्यादि एक्टिविटी में भाग लेने से आपमें सकारात्मक ऊर्जा आती है जिससे आप आसानी से फ्रेश रहकर गुस्से से दूर रह सकते है। खुशी, गुस्से को दुर करने में सहायक है, इसीलिए अधिक से अधिक खुश रहने की कोशिश करें।
गुस्से में कोई कदम उठाने के बाद उसके परिणाम भी भुगतने पड़ जाते हैं। इसलिए गुस्से में कुछ करने से पहले बाद में होने वाले परिणामों के बारे में सोचने की कोशिश करें।

इन टिप्स को अपनाकर आप निश्‍िचित तौर पर अपने गुस्से को नियंत्रित कर सकते है और खुश रह सकते।

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