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मंगलवार, 19 अप्रैल 2011

पेडू के सूजन में छिपा हो सकता है बांझपन


ियों मेंं संतान पैदा करने में अक्षमता की कई वजहें हो सकती हैं। लेकिन यौन संक्रमित बीमारी (एसटीडी) की वजह से बांझपन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ऐसी ही एक यौैन संक्रमित बीमारी है पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी)यानी पेडू या श्रोणी में सूजन। पीआईडी से महिलाओं की प्रजनन क्षमता तरह खत्म हो जाती है और वह संतान पैदा नहीं कर पातीं। वागीशा कंटेट प्रोवाइडर कंपनी ने इस बीमारी के बारे में डॉ. शिवानी सचदेव से बातचीत की।
पीआईडी है क्या?
यह असुरक्षित सेक्स की वजह से होने वाली यौन संक्रमित बीमारी की अगली कड़ी है।
पीआईडी जुड़ा है गर्भाशय के संक्रमण से। फलोपीन ट्यूब (ये वे ट्यूब होती हैं जो अंडाशय से अंडाणुओं को गर्भाशय तक ले जाती हैं) तथा अन्य जननांगों से। यह बीमारी बांझपन से जुड़ी समस्याएं पैदा करती है। पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिज़ीज़ तब पैदा होती है, जब माइक्रो ऑरगेनिज्म जैसे बैक्टीरिया महिला के जननांगों को संक्रमित कर देते हैं। इससे पेडू में दर्द हो जाता है और उसमें सूजन जाती है।
पीआईडी की मुख्य वजहें क्या हैं?
एक ऐसे व्यक्ति के साथ सेक्स करना जो क्लेमडिया (सेक्स करने से होने वाला एक रोग जिसका कारण क्लेमडिया ट्रैकोमिटिस नाम का ऑरगेनिज्म होता है) नामक रोग से संक्रमित हो। जो महिलाएं कई पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करती हैं और जिनकी उम्र गर्भधारण करने की होती है, उन्हें इसका खतरा सबसे अधिक होता है। पच्चीस साल से कम उम्र की महिलाओं को पीआईडी होने का खतरा अधिक है।
क्लेमडिया की वजह से होने वाली पीआईडी के लक्षण क्या हैं?योनी में खुजली या कुछ उलझन, योनी से डिस्चार्ज (कुछ तरल पदार्थ निकलना) पेट के निचले हिस्से में दर्द होना या पेशाब करते समय जलन महसूस होना पीआईडी के संकेत हो सकते हैं। इलाज और बचाव के क्या उपाय हैं?पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज के खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। इसमें बांझपन, फैलोपीन ट्यूबों या फिर गर्भाशय के अतिरिक्त किसी अन्य अंग में ही भ्रूण का विकसित होना, घाव जैसा बनने लगना तथा पेल्विक यानी श्रोणी या पेडू़ में तेज़ दर्द शामिल है। तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। सावधानियां क्या हंै?उत्तम क्वालिटी के लेटेक्स कंडोम के इस्तेमाल से एसटीडी का खतरा कम हो सकता है। पच्चीस साल या इससे कम उम्र की महिलाएं नियमित जांच कराएं। बड़ी उम्र की वे महिलाएं भी जांच कराएं, जिनके कई सेक्स पार्टनर हों। सभी गर्भवती महिलाओं को इसकी जांच जरूरी कराना चाहिए।
वागीशा कंटेंट प्रोवाइडर कंपनी, नोएडा, उत्तरप्रदेश।
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